लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी छात्र प्रदर्शन: 15 घंटे के हाईवे जाम के बाद SIT जांच शुरू
विशेष रिपोर्ट, फगवाड़ा (पंजाब)
डिजिटल डेस्क (अखंड राष्ट्र) | akhandrashtra.com
पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी छात्र प्रदर्शन और दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) पर लगा 15 घंटे लंबा चक्काजाम पुलिस के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गया है। कैंपस के भीतर गर्ल्स हॉस्टल (GH-3) में एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न की खबर सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद शनिवार देर रात हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए थे। हालांकि, पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुरुआती जांच में इन दावों को असत्यापित और भ्रामक (Unverified Rumors) बताया है। स्थिति को नियंत्रण में लाने, छात्र आक्रोश को शांत करने और आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय प्रबंधन ने 10 दिनों के लिए कक्षाएं निलंबित कर दी हैं और मिड-टर्म परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।

क्या है वायरल दावों की सच्चाई और विश्वविद्यालय का रुख?
26 और 27 सितंबर की मध्यरात्रि को सोशल मीडिया मैसेजिंग ऐप्स और इंस्टाग्राम रील्स के माध्यम से एक संदेश तेज़ी से फैला। इसमें दावा किया गया कि हॉस्टल के भीतर एक छात्रा के साथ दुर्व्यवहार हुआ, जिसके बाद गंभीर परिणाम सामने आए। इन पोस्ट्स के वायरल होते ही रात करीब 2 बजे छात्र-छात्राएं परिसर में एकत्र हो गए और महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी को लेकर नारेबाजी करने लगे।
हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस ने आधिकारिक बयानों में इन दावों को खारिज किया है। एलपीयू की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने स्पष्ट किया कि यौन उत्पीड़न या आत्महत्या के प्रयास की खबरें पूरी तरह से झूठी, मनगढ़ंत और आधारहीन हैं। प्रशासन का कहना है कि संस्थान को बदनाम करने और शांति भंग करने के उद्देश्य से कुछ असामाजिक तत्वों ने यह भ्रामक सूचना फैलाई। वहीं पुलिस का प्राथमिक अनुमान है कि कुछ दिन पहले परिसर के बाहर एक छात्र की आत्महत्या की अलग घटना को गलत तरीके से जोड़कर अफवाह फैलाई गई।
पुलिस प्रशासन के आधिकारिक बयान और एसआईटी जांच
मामले की गंभीरता और जमीनी स्थिति को देखते हुए कपूरथला पुलिस और पंजाब पुलिस प्रमुख ने आधिकारिक बयान जारी किए हैं:
“जब हमारी टीम मौके पर पहुंची, तो हमें पता चला कि यह सब अफवाहों के कारण हुआ। इन अफवाहों की वजह से ही छात्र जमा हुए थे। हमने उन छात्रों से बात की जिन्हें एलपीयू प्रशासन से कुछ शिकायतें थीं, उनकी बात सुनी और मामले को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है।”
— गौरव टूरा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), कपूरथला
वहीं अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा कसने और हिंसा की जांच के लिए पंजाब पुलिस के महानिदेशक ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:
“26 और 27 तारीख की मध्यरात्रि को लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में कुछ घटनाओं को लेकर देर रात अफवाहें फैलनी शुरू हुईं। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र बाहर आ गए। घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया गया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कानून हाथ में लेने वाले और तोड़फोड़ करने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
— गौरव यादव, पुलिस महानिदेशक (DGP), पंजाब
15 घंटे का हाईवे जाम और जमीनी प्रभाव

रविवार तड़के प्रदर्शनकारी छात्रों ने कैंपस से बाहर निकलकर एनएच-44 को ब्लॉक कर दिया। इस कारण पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर को जोड़ने वाले मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और सैकड़ों यात्री व एम्बुलेंस 15 घंटे से अधिक समय तक फंसे रहे। रविवार शाम स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब भीड़ को हटाने के दौरान पथराव और तोड़फोड़ हुई, जिसमें पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।
इस पूरे घटनाक्रम ने हॉस्टल में रहने वाले हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों को अनिश्चितता में डाल दिया। खबरों से चिंतित होकर कई राज्यों से अभिभावक अपने बच्चों को लेने फगवाड़ा पहुंचे। विश्वविद्यालय द्वारा 10 दिनों की छुट्टी की घोषणा के बाद सोमवार सुबह से ही कई छात्र हॉस्टल छोड़कर अपने घरों के लिए रवाना होने लगे।
नई गाइडलाइंस और जांच के अगले कदम
पुलिस द्वारा गठित एसआईटी अब फॉरेंसिक जांच, डंप मोबाइल डेटा और गर्ल्स हॉस्टल परिसर के सीसीटीवी फुटेज का विस्तृत विश्लेषण कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अफवाह कहां से शुरू हुई। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भले ही अभी तक कोई पीड़ित या भौतिक सबूत सामने नहीं आया है, फिर भी छात्रों के असंतोष को देखते हुए दुष्कर्म की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर पारदर्शी जांच की जा रही है।
वर्तमान में एनएच-44 पर यातायात पूरी तरह बहाल कर दिया गया है और परिसर में भारी सुरक्षा बल तैनात है। एलपीयू प्रशासन ने हॉस्टल में रुके छात्रों के लिए एडवाइजरी जारी कर उन्हें परिसरों के भीतर रहने और किसी भी असत्यापित सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करने की सलाह दी है।


