Maharashtra स्थापना दिवस हर साल 1 मई को बहुत ही हर्षोल्लास और गर्व के साथ मनाया जाता है। 1 मई 1960 का दिन भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, क्योंकि इसी दिन भाषा के आधार पर मराठी भाषी लोगों के लिए एक अलग राज्य के रूप में Maharashtra का आधिकारिक गठन हुआ था। इस दिन की नींव ‘संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन’ (1956-1960) के लंबे और संघर्षपूर्ण इतिहास से जुड़ी हुई है, जिसका मुख्य उद्देश्य पश्चिमी Maharashtra, विदर्भ, मराठवाड़ा और कोंकण जैसे सभी मराठी भाषी क्षेत्रों को एकजुट करना और मुंबई (बॉम्बे) को Maharashtra की राजधानी के रूप में शामिल करना था। इस ऐतिहासिक आंदोलन के दौरान, 100 से अधिक आंदोलनकारियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी, जिन्हें ‘हुतात्मा’ (शहीद) के रूप में पूरे सम्मान के साथ याद किया जाता है।
यह पावन दिन न केवल राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और छत्रपति शिवाजी महाराज के गौरवशाली आदर्शों का सम्मान करता है, बल्कि मेहनतकश श्रमिकों के योगदान को भी नमन करता है और Maharashtra के एक प्रगतिशील, औद्योगिक व आर्थिक रूप से संपन्न राज्य बनने की गौरवशाली यात्रा का जश्न मनाता है।
वीरों को श्रद्धांजलि और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान
हुतात्मा स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “मुझे बहुत खुशी है कि Maharashtra दिवस के अवसर पर हम सभी यहां श्रद्धांजलि देने के लिए उपस्थित हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज ने जिस ‘महाराष्ट्र धर्म’ की नींव रखी, उसे यहां की समृद्ध भक्ति परंपरा ने एक व्यापक सांस्कृतिक विरासत प्रदान की है।” उन्होंने आगे कहा कि इसी प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए आज महाराष्ट्र देश का ‘पावर इंजन’ और ‘ग्रोथ इंजन’ बन चुका है, जो लगातार प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
राज्य सरकार की उपलब्धियां: प्रगति और विकास का नया अध्याय
पिछले कुछ वर्षों में Maharashtra सरकार ने बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर), उद्योग और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम किया है। राज्य में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाएं—जैसे मेट्रो विस्तार, समृद्धि महामार्ग, और अन्य बड़े बुनियादी ढांचे के कार्य—राज्य की गतिशीलता को दर्शाते हैं। सरकार का फोकस राज्य के हर कोने तक विकास को पहुंचाना, किसानों को सशक्त करना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
मुख्यमंत्री ने श्रमिक दिवस (मई दिवस) के अवसर पर राज्य के सभी मजदूरों को शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि आज हम जो भी विकास, वैभव और समृद्धि देख रहे हैं, वह हमारे मेहनतकश श्रमिकों की कठिन साधना का परिणाम है। राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

राज्यपाल ने फहराया तिरंगा, लोक भवन में हुआ भव्य आयोजन
स्थापना दिवस के पावन अवसर पर Maharashtra के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने मुंबई के लोक भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और ध्वज को सलामी दी। इस गरिमामयी समारोह के दौरान राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और राज्य गीत का गायन किया गया।
इस अवसर पर राज्यपाल की पत्नी सुधा देव वर्मा, राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवारे, संयुक्त सचिव एस. राममूर्ति, लोक भवन के अधिकारी-कर्मचारी और राज्य पुलिस के जवान उपस्थित रहे, जिन्होंने राज्य की एकता और अखंडता को बनाए रखने का संकल्प लिया।
सीएम का सोशल मीडिया संदेश
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी नागरिकों को बधाई देते हुए लिखा:
“महाराष्ट्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। दूरदर्शी सोच और प्रगतिशील कार्यों के साथ हमारा महाराष्ट्र गर्व और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहा है। गतिशील, प्रगतिशील और विकसित होता हुआ यह हमारा महाराष्ट्र है।”
