उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के 3 बागी विधायक ने पार्टी का साथ छोड़कर आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। अमेठी में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी और पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी ने इन नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई। बीजेपी में शामिल होने वाले इन विधायकों में राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी शामिल हैं।
कौन है वो 3 बागी विधायक, जो 2025 में हुए थे निष्कासित
गौरीगंज से विधायक राकेश प्रताप सिंह, गोसाईंगंज से विधायक अभय सिंह और कालपी से विधायक विनोद चतुर्वेदी ने करीब दो साल पहले राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी लाइन से हटकर बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी। इसके बाद से ही वे समाजवादी पार्टी से दूरी बनाए हुए थे और पार्टी कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो रहे थे। अंततः 2025 में समाजवादी पार्टी ने इन तीनों को पार्टी से निष्कासित कर दिया था, जिसके बाद से उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं।
2027 के चुनाव में मिल सकता है बीजेपी का टिकट
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि ये तीनों बागी नेता आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपनी-अपनी सीटों से भाजपा के टिकट पर चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। सदस्यता ग्रहण करने के बाद इन नेताओं के साथ उनके समर्थक और बड़ी संख्या में स्थानीय सपा कार्यकर्ताओं ने भी बीजेपी की सदस्यता स्वीकार की है, जिससे क्षेत्र में पार्टी का आधार और मजबूत होने की संभावना है।
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अखिलेश यादव पर साधा निशाना, राम मंदिर और विकास कार्यों का किया जिक्र
बीजेपी में शामिल होने के बाद विधायकों ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। विधायक विनोद चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के उद्घाटन और आस्था के मुद्दों पर सपा हाईकमान का रवैया उचित नहीं था। वहीं, विधायक अभय सिंह ने कहा कि जो लोग राष्ट्र और भगवान श्री राम का विरोध करते हैं, वे जनता के भी विरोधी हैं। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे जनता के विकास के साथ जुड़ने के लिए बीजेपी में आए हैं।


