जिला न्याय के देवता कहे जानेवाले (जिला न्यायाधीश ) की ऐसी बेइज्जती नही देखे होगें आप, टोल बेरियर वाले साहसी युवक की हिम्मत की दाज दे रहे हैं लोग, जिसने 80 रूपये न देने पर जज को बेज्जत कर के उनके न्याय के देवता के दायरे को बता दिया। इसी मनमानी के चलते, यही कारण लूट कर रूपये का जखीरा पकड़े जाने पर ऐसें ही सुप्रीम कोर्ट का जज कह रहा है, मेरे घर में जले नोट मेरे नहीं हैं। रात को कोर्ट खुलवाकर नेताओं को बेल मिल रही है। अंधा कानून है। वक्फ बोर्ड में व उदयपुर फाईल मूवी पर स्टे लगा दिया है। आप गलत पर बोलें तभी हक दूसरे का बचा रहेगा। घटना की विडिओ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जिला जज टोल प्लाजा पर धौंस दिखाकर नहीं देना चाह रहे थे 80 रूपये टैक्स युवक ने उतार दिया धौस का रौब वसूल किया टैक्स।*
ओमकार त्रिपाठी राजनीतिक विश्लेषक है, इसी के साथ
पिछले कई वर्षों से उत्तर प्रदेश की जमीनी राजनीति, प्रशासनिक हलचल और खोजी पत्रकारिता (Crime & Investigative Reporting) में सक्रिय। 19 वर्ष पुराने प्रतिष्ठित अखबार दैनिक अखंड राष्ट्र (Akhand Rashtra) के स्थानीय संपादक है,
Omkar Tripathi विशेष तौर पर निष्पक्ष आवाज और पारदर्शी गवर्नेंस के लिए प्रतिबद्ध है
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