भायंदर। सेवा का बहुत महत्व है। यह न केवल दूसरों के लिए उपयोगी है, बल्कि व्यक्तिगत विकास और खुशी के लिए भी महत्वपूर्ण है। सेवा करने से हमें संतुष्टि, कृतज्ञता और आत्म-सम्मान की भावना मिलती है, यही कारण है कि सेवा को सबसे बड़ा धर्म माना गया है। मीरा भायंदर महानगरपालिका की पूर्व नगरसेविका नीला सोन्स ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि सेवा करने का अवसर भी बड़े भाग्य से मिलता है। इसलिए सदैव सेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांग और बुजुर्गों की सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। इसलिए हमें सदैव सेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने अपने जनसेवा कार्यालय में विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी दिव्यांग पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजना तथा कैंसर पीड़ितों के इलाज हेतु दी जाने वाली सहायक अनुदान योजना के फॉर्म मनपा कार्यालय में जमा करा दिए। साथ ही उन्होंने कुछ बुजुर्ग दिव्यांग नागरिकों को व्हीलचेयर भेंट स्वरूप प्रदान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया। उनके इस नेक काम की सराहना की जा रही है।
दिव्यांग और बुजुर्गों की सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं : नीला सोन्स
ओमकार त्रिपाठी राजनीतिक विश्लेषक है, इसी के साथ
पिछले कई वर्षों से उत्तर प्रदेश की जमीनी राजनीति, प्रशासनिक हलचल और खोजी पत्रकारिता (Crime & Investigative Reporting) में सक्रिय। 19 वर्ष पुराने प्रतिष्ठित अखबार दैनिक अखंड राष्ट्र (Akhand Rashtra) के स्थानीय संपादक है,
Omkar Tripathi विशेष तौर पर निष्पक्ष आवाज और पारदर्शी गवर्नेंस के लिए प्रतिबद्ध है
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