मोबाइल एडिक्शन से दूर रखना खेल प्रशिक्षण दिमागी तौर पर करेंगे मजबूत ।
भोपाल। पुलिस लाइन नहरू नगर मैं बच्चों को मोबाइल से दूर रखने के लिए खेल प्रशिक्षण और सेहत के साथ दिमागी तौर पर मजबूत बनाने ब्राइटर माइंडस का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसकी शुरुआत 5 मई से की जा चुकी है बीते साल आयोजित किए समर कैंप और ब्राइटर माइंड्स की क्लास के बेहतर परिणाम को देखते हुए इस वर्ष अभिभावक पहले ही आवेदन कर चुके हैं। समर कैंप में बच्चों को मोबाइल से दूर रखने के लिए अलग अलग तरह से खेल प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। वहीं ब्राईटर माइंड्स के लिए पुलिस विभाग के 16 जवान हैदराबाद के कान्हा शांति वन हार्टफुलनेस संस्था से प्रशिक्षण प्राप्त किए लोग बच्चों से अपना अनुभव बांटेंगे।
क्या है ब्राइटर माइंड्स
ब्राइटर माइंड्स से दिमाग के नेटवर्क के पीछे छुपे हुए रास्ते उभर कर सामने आ जाते हैं।
इससे बच्चों के अंदर अपने आस पास के वातावरण और परिस्थितियों के बारे में ज्यादा सोचने समझने की क्षमता बढ़ती हैं। इसमें बच्चों को उन उपकरणों और तरीकों को बताया जाता है, जिससे उनकी संज्ञात्मक क्षमता में बढ़ोत्तरी हो सके। वे अपने जीवन में उत्कृष्ट ला सके और आत्मविश्वास से भर जाएं।
ब्राइटर माइंड्स प्रेम को एक मूल तत्व मानता है जिससे शिक्षा के लिए सहायक वातावरण बनता है। जब प्रेम की अभिव्यक्ति सकारात्मक चिंतन मनोभाव और सुझाव के द्वारा की जाती है तो मस्तिष्क को शांत और खुला रहने का सकारात्मक संकेत पहुंचता है।
ब्राइटर माइंड्स के लाभ।
इससे विचारों की अस्पष्टता बढ़ती है एकाग्रता और ज्ञान बढ़ता है यह आत्मविश्वास और आंतरिक शांति की ओर ले जाता है आंखों की मांसपेशियों को शांत रखने में मजबूत दृष्टि बढ़ता है पर्दे की गति बढ़ाने के साथ ज्ञान की अनुभूति होती है और मन में विश्वास बढ़ता है इससे प्रेरणा का स्तर बढ़ता है सहानुभूति की भावना बढ़ती है जिससे सकारात्मक मूल्यों को बढ़ाव मिलता है यही कारण है कि लोगों के मन में सामंजस्य और नम्रता की भावना स्थापित हो जाती है।
पुलिस महानिदेशक ने समझौता पत्र पर किया हस्ताक्षर।
मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना और पुलिस महानिरीक्षक प्रशासन श्रीमती रुचि वर्धन मिश्रा ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कर कार्यक्रम को तीव्रता से लोगों तक पहुंचने के लिए अनुमति प्रदान करते हुए बताया कि ब्राइटर माइंड्स प्रोग्राम एक ऐसा प्रोग्राम है जिससे द्वारा 5 से 15 साल तक के बच्चों के ब्रायन को डेवलप किया जाता है इससे उनके सभी सेंसर एक्टिव होकर काम करने में सक्षम होते हैं इस प्रोग्राम के माध्यम से बच्चों में पावर को बढ़ाया जाता है बच्चे रिलैक्स होना सीखते हैं उनके व्यवहार और आदतों में काफी बदलाव होते हैं, जिससे उनको पढ़ाई लिखाई में व्यापक पैमाने पर मदद मिल जाती है।

