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Akhand Rashtra News > उत्तर प्रदेश > कृष्ण ने बाल लीला में भक्तों के मन रूपी माखन की चोरी की है : आचार्य रजनीश
उत्तर प्रदेशधर्मराज्य

कृष्ण ने बाल लीला में भक्तों के मन रूपी माखन की चोरी की है : आचार्य रजनीश

Omkar Tripathi
Last updated: May 24, 2025 5:31 am
Omkar Tripathi
9 months ago
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जौनपुर। बदलापुर क्षेत्र के ग्राम पट्टी दयाल में आयोजित संगीतमयी सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन शुक्रवार को कथावाचक आचार्य रजनीश महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का सुमधुर स्वर से वर्णन किया । आचार्य रजनीश जी महाराज ने संगीतमय कथा का रसपान कराते हुए भगवान की बाल लीलाओं के चरित्र का अद्भुत वर्णन किया। उन्होंने श्रोताओं से कहा कि लीला और क्रिया में अंतर होता है। अभिमान तथा सुखी रहने की इच्छा प्रक्रिया कहलाती है। इसे न तो कर्तव्य का अभिमान है और ना ही सुखी रहने की इच्छा, बल्कि दूसरों को सुखी रखने की इच्छा को लीला कहते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने यही लीला की है। जिससे समस्त गोकुलवासी सुखी और संपन्न थे। उन्होंने कहा कि माखन चोरी करने का आशय मन की चोरी से है। कन्हैया ने भक्तों के मन की चोरी की है । उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए उपस्थित श्रोताओं को वात्सल्य प्रेम में सराबोर कर दिया। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण के जन्म लेने पर कंस उनकी मृत्यु के लिए राज्य की सबसे बलवान राक्षसी पूतना को भेजता है। राक्षसी पूतना भेष बदलकर भगवान कृष्ण को अपने स्तन से जहरीला दूध पिलाने का प्रयास करती है, परंतु भगवान उसका वध कर देते हैं। इसी प्रकार कार्तिक माह में ब्रजवासी भगवान इंद्र को प्रसन्न करने के लिए पूजन कार्यक्रम की तैयारी करते हैं, परंतु भगवान कृष्ण उनको इंद्र की पूजा करने से मना कर देते हैं और गोवर्धन की पूजा करने के लिए कहते हैं। यह बात सुनकर भगवान इंद्र नाराज हो जाते हैं और गोकुल को बहाने के लिए भारी वर्षा करते हैं। इसे देखकर समस्त ब्रजवासी परेशान हो जाते हैं। भारी वर्षा को देखकर भगवान कृष्ण कनिष्ठ अंगुली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर सभी लोगों को उसके नीचे छिपा लेते हैं। भगवान द्वारा गोवर्धन पर्वत को उठाकर लोगों को बचाने से इंद्र का घमंड चकनाचूर हो गया। कथावाचक ने कहा कि मथुरा को कंस से बचानें के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का बध किया। कथा के समापन के बाद भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे से पंडाल गुंजायमान हो उठा। मुख्य यशवंत नया शंकर दुबे वह उनकी धर्मपत्नी विद्यावती देवी ने श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण किया। उपस्थित लोगों के प्रति आभार प्रधानाचार्य पवन पांडे ने व्यक्त किया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के पूर्व सचिव दिव्य कांत शुक्ला , महाराजगंज ब्लाक के प्रमुख पति भाजपा नेता विनय कुमार सिंह , उमाशंकर दुबे , प्रबन्धक अरुण सिंह , देवमणि शुक्ला , गजराज तिवारी , राजनाथ उपाध्याय ,प्रबंधक अरुण कुमार सिंह आदि लोग मौजूद थे।

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