28 मई 2025 को राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने 2025 बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से अलग होने की घोषणा की। यह बिहार की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर है, क्योंकि RLJP का प्रभाव हाजीपुर और अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है। पारस ने कहा कि उनकी पार्टी अब स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी, और उन्होंने नीतीश कुमार की सरकार पर क्षेत्रीय मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने इस कदम का स्वागत किया और इसे एनडीए की कमजोरी का संकेत बताया। दूसरी ओर, भाजपा ने इस फैसले को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से प्रेरित बताया। यह घटना बिहार में गठबंधन की राजनीति को और जटिल बना सकती है, क्योंकि छोटे दलों का समर्थन निर्णायक हो सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि पारस का यह कदम बिहार में जातिगत समीकरणों को प्रभावित करेगा।

