कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा पर आयोजित हुई शताब्दी संकल्प 2047 गोष्ठी
- विवेक कुमार उपाध्याय (अखंड राष्ट्र)
नौपेड़वा(जौनपुर) बक्शा कृषि विज्ञान केंद्र पर बुधवार को शताब्दी संकल्प 2047 समृद्धि शताब्दी पर्व के तहत आयोजित कार्यक्रम में अगले 22 वर्षों में विजन तैयार करने हेतु लोगों से सुझाव मांगे गए। विकसित भारत 2047 की अवधारणा को साकार करने हेतु उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा ’’समर्थ उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश 2047 तक अभियान चलाकर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। मुख्यअतिथि सेवानिवृत्त आईपीएस राजकुमार विश्वकर्मा ने अपने संबोधन में मिशन को दिशा प्रदान करने एवं पथ प्रदर्शन हेतु एक विजन डॉक्यूमेंट बनाये जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगले 22 वर्षों में अपनी प्रगति को दस गुना लक्ष्य बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि आज हर क्षेत्र में प्रगति हुई है परन्तु आज भी हम बहुत कुछ खाद्य सामग्रियों पर विदेशों पर निर्भर है। उन्होंने लांच ऐप के माध्यम से लोगो से सुझाव मांगे। उन्होंने कहा कि रात्रि में मैं स्वयं ऐप के माध्यम से बक्शा से बाबतपुर वाराणसी के लिए लिंक एक्सप्रेस का सुझाव डाला है। जिलाधिकारी डॉ. दिनेशचन्द्र ने कहा कि प्रदेश सरकार की है मंशा है कि प्रदेश विकसित प्रदेश बने साथ ही साथ किसान से लेकर राष्ट्र निर्माण में सहभागिता निभाने वाले लोग आत्मनिर्भर बने। इस दौरान सचिव मानव अधिकार आयोग उत्तर प्रदेश श्रीमती धनलक्ष्मी, सेवानिवृत्त आईपीएस प्रमोद कुमार, सीडीओ ध्रुव खाड़िया, सेवानिवृत्त प्रोफेसर पूर्वांचल विश्वविद्यालय धरनीधर दुबे, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार कन्नौजिया, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता जल निगम अरविंद कुमार सिंह ने संबोधित किया। इसके पूर्व मुख्य अतिथियों द्वारा फीता काटकर कार्यक्रम की शुरूआत पश्चात परिसर में लगाये गए विभिन्न विभागों के स्टाल का निरीक्षण किया गया। द्वीप प्रज्ज्वलित होने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम के अंत में किसानों ने अपने-अपने सुझाव दिए। उपकृषि निदेशक हिमांशू पाण्डेय, जिला पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. ओमप्रकाश श्रीवास्तव, मत्स्य अधिकारी आदि अधिकारियों ने अपने अपने विभाग की उपलब्धियां गिनाई। इस मौके पर प्रोफेसर डॉ. अशोक सिंह, दुग्ध संघ जिलाध्यक्ष राजदेव यादव, एडीओ एजी अनुराग सिंह, दुर्गा मौर्या, सरोज सिंह, लेखपाल शैलेन्द्र श्रीवास्तव, वैज्ञानिक डॉ. राजीव कुमार सिंह, डॉ. रूपेश सिंह, डॉ. रत्नाकर पाण्डेय सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहें। संचालन डॉ. रमेशचंद्र यादव आत्मा ने किया।

