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राज्य

मधुबन वाशरी हादसा: करोड़ों की लागत से बना सेलो ढहा, कर्मी सुरक्षित निकाला गया, प्रबंधन पर सवाल

Krishna kumar Noniya
Last updated: September 13, 2025 6:21 pm
Krishna kumar Noniya
6 months ago
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मधुबन वाशरी हादसा: करोड़ों की लागत से बना सेलो ढहा, कर्मी सुरक्षित निकाला गया, प्रबंधन पर सवाल
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मधुबन वाशरी हादसा: करोड़ों की लागत से बना सेलो ढहा, कर्मी सुरक्षित निकाला गया, प्रबंधन पर सवाल
सेलो भरभरा कर धराशायी

झारखणड/बाघमारा। बीसीसीएल ब्लॉक-2 के न्यू मधुबन कोल वाशरी में शुक्रवार देर रात बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रात करीब 11:30 बजे वाशरी का नंबर-1 सेलो अचानक भरभरा कर धराशायी हो गया। देखते ही देखते करीब 5 हजार टन वाश कोयला मलबे के साथ नीचे गिर पड़ा और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के दौरान नंबर-3 सेलो पर कार्यरत कर्मी धर्मेंद्र ठाकुर फंस गए, जिन्हें घंटों की कड़ी मशक्कत और रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित निकाल लिया गया।

मधुबन वाशरी हादसा: करोड़ों की लागत से बना सेलो ढहा, कर्मी सुरक्षित निकाला गया, प्रबंधन पर सवाल
रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित निकाला गया।

रेस्क्यू अभियान में बोकारो स्टील प्लांट से मंगाए गए बड़े एयर सर्विस क्रेन और ड्रोन कैमरे की मदद ली गई। सहकर्मी कर्मी के साहस और टीम की मेहनत से धर्मेंद्र ठाकुर को सुरक्षित उतारा गया। राहत की बात रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई।

मधुबन वाशरी हादसा: करोड़ों की लागत से बना सेलो ढहा, कर्मी सुरक्षित निकाला गया, प्रबंधन पर सवाल
एयर सर्विस क्रेन

डेढ़ साल पहले हुआ था उद्घाटन

न्यू मधुबन वाशरी का उद्घाटन 24 मार्च 2022 को तत्कालीन कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने ऑनलाइन किया था। उस समय केंद्रीय राज्यमंत्री राव साहब पाटील दानवे, सचिव अनिल कुमार जैन, कोल इंडिया चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल, बीसीसीएल सीएमडी समीरन दत्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
यह वाशरी 5 एमटीपीएस क्षमता वाली देश की सबसे बड़ी अत्याधुनिक वाशरी मानी जाती थी, जिसे 8 साल में मेसर्स एचईसीएल ने बनाया और बाद में संचालन चेन्नई राधा इंजीनियरिंग वर्क्स प्रा. लि. को सौंपा गया। वाणिज्यिक परिचालन 29 नवंबर 2023 को शुरू हुआ था।

निर्माण गुणवत्ता पर सवाल

स्थानीय यूनियन प्रतिनिधियों ने पहले ही इसके कमजोर निर्माण को लेकर चिंता जताई थी। 2014 में दिल्ली की कंपनी बेगेन इंडिया ने इसका निर्माण कार्य शुरू किया था, लेकिन बाद में काम पेटी ठेकेदार को सौंप दिया गया। निर्माण के दौरान भी एक हिस्सा टूटकर गिरा था, जिसमें एक कर्मी की मौत हो गई थी।
अब इतनी जल्दी करोड़ों की लागत से बने सेलो का धराशायी होना प्रबंधन और ठेकेदारों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

विधायक ने जताई नाराजगी

घटनास्थल पर पहुंचे बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो ने कंपनी प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया और दोषी ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि इतने बड़े प्रोजेक्ट पर करोड़ों खर्च होने के बावजूद इतनी जल्दी ढह जाना यह दर्शाता है कि निर्माण में भारी गड़बड़ी हुई है।

मधुबन वाशरी हादसा: करोड़ों की लागत से बना सेलो ढहा, कर्मी सुरक्षित निकाला गया, प्रबंधन पर सवाल
बाघमारा विधायक शरद महतो

बीसीसीएल का बयान

बीसीसीएल ब्लॉक-2 के जीएम कुमार रंजीव ने कहा कि सबसे बड़ी राहत यह रही कि किसी की जान नहीं गई। उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि वाशरी की तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही कार्य शुरू किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं दोबारा न हों।

मधुबन वाशरी हादसा: करोड़ों की लागत से बना सेलो ढहा, कर्मी सुरक्षित निकाला गया, प्रबंधन पर सवाल
जीएम कुमार रंजीव
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