रांची। झारखंड में सहारा समूह की कंपनियों से जुड़े 400 करोड़ रुपये के जमीन फर्जीवाड़ा मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। राज्य की अपराध अन्वेषण विभाग (CID) ने इस बहुचर्चित मामले में चार्जशीट दायर कर दी है। चार्जशीट में सहारा प्रमुख सुब्रत राय के दोनों बेटे सीमांतो राय और सुशांतो राय, पत्नी स्वप्ना राय, और सहयोगी ओ.पी. श्रीवास्तव समेत कई अन्य को फरार आरोपी बताया गया है।
सीआईडी के अधिकारियों के अनुसार, दोनों बेटों को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। वे वर्तमान में मैसिडोनिया की नागरिकता ले चुके हैं, जिसके कारण सीबीआई के माध्यम से इंटरपोल की मदद ली जाएगी। रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी चल रही है। हालांकि, भारत और मैसिडोनिया के बीच कोई प्रत्यर्पण संधि नहीं है, फिर भी दोनों को वापस लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
🔹 2024 में दर्ज हुआ था मामला
यह फर्जीवाड़ा मामला 30 नवंबर 2024 को झारखंड सीआईडी थाने में दर्ज हुआ था। केस में सहारा प्रमुख (अब दिवंगत) सुब्रत राय, उनकी पत्नी, बेटे, भाई जयब्रत राय, और सहारा समूह से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।
🔹 कंपनियों पर भी कार्रवाई
चार्जशीट में सहारा समूह की प्रमुख कंपनियों को भी आरोपी बनाया गया है, जिनमें शामिल हैं —
- सहारा इंडिया क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड
- सहारा यूनिवर्सल मल्टीपरपस सोसायटी लिमिटेड
- हमारा इंडिया क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड
- सहारा क्यू शॉप यूनिक प्रोडक्ट्स रेंज लिमिटेड
- सहारा क्यू शॉप ईस्ट सहारा इंडिया कमर्शियल को-ऑपरेटिव लिमिटेड
🔹 लखनऊ में छापेमारी, नहीं मिली सफलता
सीआईडी टीम ने हाल ही में लखनऊ में ओम प्रकाश श्रीवास्तव और देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की, लेकिन दोनों फरार बताए जा रहे हैं।
🔹 अब सीबीआई को भेजा जाएगा पूरा डोजियर
सीआईडी अधिकारियों ने बताया कि विदेश में रह रहे आरोपियों के खिलाफ पूरा डोजियर तैयार कर सीबीआई को भेजा जाएगा, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की जा सके।
इस मामले को झारखंड के हाल के वर्षों का सबसे बड़ा भूमि फर्जीवाड़ा घोटाला माना जा रहा है, जिसमें करोड़ों रुपये की जमीन गलत तरीके से हस्तांतरित और निवेशकों के धन का दुरुपयोग किए जाने के आरोप हैं।
(रिपोर्ट: विशेष संवाददाता, धनबाद/रांची)

