नई दिल्ली/लखनऊ: उत्तर प्रदेश ने विकास की अपनी रफ्तार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। देश के ‘लैंडलॉक्ड’ (जमीन से घिरे) राज्यों की श्रेणी में शानदार प्रदर्शन करते हुए यूपी ने LEADS 2025 रैंकिंग में ‘Exemplar’ (अनुकरणीय) राज्य होने का गौरव हासिल किया है। खास बात यह है कि लगातार तीन सालों (2022-2024) तक ‘अचीवर’ कैटेगरी में रहने के बाद, यूपी ने अब इस सर्वोच्च पायदान पर अपनी जगह पक्की की है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने थपथपाई यूपी की पीठ
नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ‘LEADS 2025’ की रिपोर्ट जारी की। उत्तर प्रदेश के लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विस क्वालिटी में आए क्रांतिकारी सुधारों की सराहना करते हुए यह सम्मान दिया गया। यूपी की तरफ से इन्वेस्ट यूपी के एजीईओ शशांक चौधरी ने इस प्रतिष्ठित अवार्ड को ग्रहण किया।
योगी सरकार के ‘मिशन 1 ट्रिलियन’ को मिली ताकत
लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में मिली यह सफलता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन का हिस्सा है, जिसके तहत प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
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नीतिगत सुधार: ‘उत्तर प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स पॉलिसी 2022’ ने राज्य में व्यापारिक सुगमता (Ease of Doing Business) को नई दिशा दी है।
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गति शक्ति का कमाल: पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के साथ तालमेल बिठाकर यूपी ने अपनी सप्लाई चेन को बेहद आधुनिक और तेज बनाया है, जिससे ट्रांसपोर्टेशन लागत में काफी कमी आई है।
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एक्सप्रेस-वे और हब से बदल रही तस्वीर
उत्तर प्रदेश अब केवल सड़कों का जाल नहीं, बल्कि एक ‘लॉजिस्टिक्स पावरहाउस’ बन चुका है।
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रणनीतिक हब: राज्य सरकार एक्सप्रेस-वे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और नए एयरपोर्ट्स के पास बड़े लॉजिस्टिक्स हब तैयार कर रही है।
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प्राइवेट इन्वेस्टमेंट: पीपीपी (PPP) मॉडल के जरिए कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक गोदामों और ग्रामीण इलाकों में स्टोरेज की क्षमता बढ़ाई जा रही है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय उद्योगों और किसानों को मिल रहा है।
क्या है LEADS रैंकिंग का महत्व?
वाणिज्य मंत्रालय द्वारा 2018 में शुरू की गई LEADS (Logistics Ease Across Different States) रैंकिंग इस बात का प्रमाण है कि किसी राज्य में माल की आवाजाही कितनी सुगम है। यूपी का ‘एग्जम्पलर’ बनना यह साबित करता है कि यहां अब व्यापार करना और सामान को एक जगह से दूसरी जगह भेजना न केवल आसान है, बल्कि वैश्विक मानकों के अनुरूप है।
