धनबाद। कोयलांचल में मंगलवार की भोर एक परिवार के लिए ऐसी काली सुबह बन गई, जिसे शायद वह जिंदगी भर नहीं भूल पाएगा। जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे, तभी सिजुआ के मोदीडीह 10 नंबर कॉलोनी स्थित भुइयां पट्टी में अचानक धरती कांप उठी। जोरदार चरचराहट के साथ जमीन धंसने लगी और देखते ही देखते लगभग 6 से 7 मकान मलबे में तब्दील हो गया।
मकान के अंदर सो रहा एक ही परिवार के 10 वर्षीय विक्रम भुइयां मलबे के नीचे दब गया। आसपास के लोगों ने जान जोखिम में डालकर बचाव शुरू किया, लेकिन मासूम को नहीं बचाया जा सका। इस हादसे में उसकी मां चंदा देवी समेत परिवार के अन्य बच्चे भी घायल हो गए। घायलों को आनन-फानन में कतरास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एक आवाज ने पूरी बस्ती की नींद उड़ा दी
बताया गया कि मंगलवार सुबह करीब पांच बजे अचानक तेज आवाज सुनाई दी। इसके बाद घर के भीतर अफरातफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शी अर्जुन भुइयां के अनुसार, वह पानी के लिए टुल्लू पंप लगाने जा रहा था, तभी मकान से चरचराहट की आवाज आने लगी। कुछ ही क्षणों में घर का हिस्सा धंस गया।
उस समय गुड्डू भुइयां चाय पीने सिजुआ मोड़ गया था, जबकि उसकी पत्नी चंदा देवी और बच्चे घर में सो रहे थे। अचानक मकान गिरने से पूरा परिवार मलबे में फंस गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े और अपनी जान की परवाह किए बिना मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने में जुट गए।
इस हादसे में विक्रम भुइयां (10) की मौत हो गई। चंदा देवी (42), आरती कुमारी (11), पूजा देवी (13) और वाला कुमार (3) घायल हुए हैं।
मलबे के नीचे दबा बचपन, सड़क पर उतरा आक्रोश
मासूम की मौत की खबर फैलते ही पूरे इलाके में मातम और आक्रोश का माहौल बन गया। लोगों ने धनबाद-कतरास मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। सड़क पर टायर जलाकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई।
प्रदर्शन कर रहे लोग मृत बच्चे के परिवार को मुआवजा, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
विधायक पहुंचे, अधिकारियों से की हस्तक्षेप की मांग
घटना की सूचना मिलने पर विधायक शत्रुघ्न महतो मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने सीएमडी, डीसी और एसपी समेत संबंधित अधिकारियों को घटना की जानकारी देकर प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास दिलाने की मांग की।
स्थानीय लोग 30 लाख रुपये मुआवजा और सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।
सिर्फ एक मकान नहीं, कई घरों पर मंडरा रहा खतरा
घटना के बाद इलाके में भय और बढ़ गया है। बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से आसपास के प्रभावित 12 परिवारों की सूची तैयार किए जाने की बात सामने आई है।
जानकारी के अनुसार गुड्डू भुइयां के अलावा करण भुइयां, जर्नादन मल्लाह, केदार भुइयां और गोपी भुइयां के मकान भी पूरी तरह जमींदोज हो गए। वहीं बोगली भुइयां, केदार भुइयां और अर्जुन भुइयां के घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
सवाल छोड़ गया हादसा
सिजुआ की धंसी धरती ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली और कई परिवारों को बेघर होने के डर में डाल दिया। कोयला क्षेत्र में लगातार सामने आ रही भू-धंसान की घटनाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक लोग खोखली जमीन के ऊपर अपनी जिंदगी गुजारने को मजबूर रहेंगे?
एक बच्चे की मौत के बाद अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन की कार्रवाई पर है। प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने, मुआवजा देने और भू-धंसान के वास्तविक कारणों की जांच की मांग जोर पकड़ रही है।

