
बाघमारा (धनबाद)। बीसीसीएल ब्लॉक-दो क्षेत्र में कोयले के अवैध खनन और निकासी पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर शनिवार को सीआईएसएफ के डीआईजी राजेश मिश्रा ने क्षेत्र का जायजा लिया। उनके साथ बीसीसीएल के जीएम सिक्योरिटी मो. हफिजूल कुरैशी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जमुनिया हाई वाल पैच सहित संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति को समझा।
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने संबंधित अधिकारियों से क्षेत्र में होने वाली अवैध गतिविधियों और संवेदनशील स्थानों की जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से यह पता करने की कोशिश की कि अवैध तरीके से निकाले जाने वाले कोयले को किन रास्तों से बाहर ले जाया जाता है और किन स्थानों का इस्तेमाल इसकी आवाजाही के लिए किया जाता है।
डीआईजी ने सुरक्षा व्यवस्था में तैनात अधिकारियों को नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने तथा संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया। उन्होंने क्यूआरटी टीम की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने, जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बल की तैनाती और बीसीसीएल एवं सीआईएसएफ के बीच समन्वय बनाकर संयुक्त कार्रवाई करने पर जोर दिया।
अधिकारियों ने क्षेत्र की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की। निर्देश दिया गया कि अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और संवेदनशील इलाकों में निगरानी को और मजबूत किया जाए।
निरीक्षण के दौरान समादेष्टा अजय सिंह, समादेष्टा पीके त्रिपाठी, उप समादेष्टा पुष्पेंद्र सिंह तथा ब्लॉक-दो के जीएम कुमार रंजीव समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
लगातार मिल रही थी अवैध गतिविधियों की सूचना
बताया जा रहा है कि जमुनिया हाई वाल पैच के आसपास पिछले कुछ समय से अवैध गतिविधियों को लेकर सूचनाएं सामने आ रही थीं। इन्हीं शिकायतों और सुरक्षा से जुड़े इनपुट के बाद सीआईएसएफ एवं बीसीसीएल के वरीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
गौरतलब है कि धनबाद कोयलांचल में कोयला चोरी की शिकायतों को लेकर केंद्रीय स्तर पर भी चिंता जताई गई है। कोयला चोरी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए बीसीसीएल और सीआईएसएफ की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा अभियान तेज करने पर जोर दिया जा रहा है।
वर्तमान में कोयला चोरी की रोकथाम को लेकर सीआईएसएफ द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी की जा रही है। खासकर आउटसोर्सिंग परियोजनाओं और हाई वाल पैच जैसे क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।

