By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Reading: आंध्र-ओडिशा सीमा विवाद: 21 गांवों पर भाजपा और टीडीपी आमने-सामने, बीजेडी-कांग्रेस भी मैदान में
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
Font ResizerAa
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Akhand Rashtra News > एक्सक्लूसिव > आंध्र-ओडिशा सीमा विवाद: 21 गांवों पर भाजपा और टीडीपी आमने-सामने, बीजेडी-कांग्रेस भी मैदान में
एक्सक्लूसिवताज़ा ख़बरेंदेशराजनीति

आंध्र-ओडिशा सीमा विवाद: 21 गांवों पर भाजपा और टीडीपी आमने-सामने, बीजेडी-कांग्रेस भी मैदान में

Anam Fatima
Last updated: October 23, 2026 2:11 pm
Anam Fatima
20 minutes ago
Share
आंध्र प्रदेश और ओडिशा के बीच कोटिया के 21 गांवों को लेकर सीमा विवाद
कोटिया के 21 गांवों को लेकर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के बीच सीमा विवाद फिर चर्चा में।
SHARE

अपनी भाषा चुने।

Contents
क्या है पूरा मामला?चुनाव अधिसूचना से बढ़ा विवादभाजपा का जवाबकांग्रेस और अन्य दलों की भूमिकाराजनीतिक पेच

आंध्र प्रदेश और ओडिशा के बीच दशकों पुराना सीमा विवाद एक बार फिर गर्मा गया है। कोटिया पंचायत के 21 गांवों को लेकर दोनों राज्य आमने-सामने हैं। आंध्र प्रदेश सरकार ने इन विवादित गांवों में पंचायत चुनाव कराने की अधिसूचना जारी कर दी है। इससे भाजपा शासित ओडिशा और टीडीपी शासित आंध्र प्रदेश के बीच तनाव बढ़ गया है। दोनों दल एनडीए के सहयोगी हैं, इसलिए यह विवाद राजनीतिक रूप से और भी पेचीदा हो गया है। बीजेडी और कांग्रेस भी इस मुद्दे पर सक्रिय हो गए हैं।

क्या है पूरा मामला?

कोटिया ग्राम पंचायत ओडिशा के कोरापुट जिले के पोटांगी ब्लॉक में स्थित है। इसमें कुल 28 गांव हैं, जिनमें से 21 पर दोनों राज्य अपना दावा करते हैं। ओडिशा का कहना है कि ये गांव उसके क्षेत्र का अभिन्न हिस्सा हैं। आंध्र प्रदेश का दावा है कि ये गांव पार्वतीपुरम मण्यम जिले के सालुर ब्लॉक में आते हैं।

इस विवाद की जड़ें 1936 से पहले की हैं, जब ये गांव जेपोर एस्टेट का हिस्सा थे। ओडिशा प्रांत बनने के बाद कुछ इलाके आंध्र की तरफ चले गए, लेकिन इन 21 गांवों का सही नक्शा कभी नहीं बन पाया। 1968 में ओडिशा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया और कहा कि सीमा विवाद संसद तय करे। 2022 में ओडिशा ने फिर याचिका दायर की, जो अभी लंबित है।

- Advertisement -
anaya's kitchenanaya's kitchen

चुनाव अधिसूचना से बढ़ा विवाद

आंध्र प्रदेश ने हाल ही में फागुनासिनेरी, गंजेईपादार और फाटुसिनेरी समेत तीन गांवों में पंचायत चुनाव कराने की अधिसूचना जारी की। इससे ओडिशा में हंगामा मच गया। बीजेडी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर सरकार की “चुप्पी” पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि टीडीपी के साथ एनडीए गठबंधन के कारण भाजपा ओडिशा के हितों की रक्षा नहीं कर रही।

बीजेडी ने शुक्रवार को एक प्रतिनिधिमंडल कोटिया भेजने का फैसला किया है। पार्टी का कहना है कि आंध्र प्रदेश की गतिविधियां सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन हैं।

भाजपा का जवाब

ओडिशा के राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि सरकार पूरी तरह तैयार है और आंध्र की किसी भी उत्तेजक कार्रवाई को रोकने के लिए कदम उठाएगी। उन्होंने बीजेडी पर आरोप लगाया कि 24 साल के शासन में उन्होंने इस मुद्दे को हल नहीं किया। ओडिशा सरकार सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका फिर से सक्रिय करने की तैयारी में है।

केंद्रीय नेता धर्मेंद्र प्रधान ने दोनों राज्यों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।

कांग्रेस और अन्य दलों की भूमिका

कांग्रेस ने भी दोनों दलों पर निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा और बीजेडी दोनों ही इस लंबे विवाद को सुलझाने में नाकाम रहे। स्थानीय स्तर पर लोग दोनों राज्यों के वोटर कार्ड, राशन कार्ड और आधार कार्ड रखते हैं। दोनों राज्य वहां स्कूल और राशन दुकानें चलाते हैं, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।

राजनीतिक पेच

यह विवाद इसलिए ज्यादा चर्चा में है क्योंकि भाजपा और टीडीपी दोनों एनडीए के सहयोगी हैं। ओडिशा में भाजपा सरकार है, आंध्र में टीडीपी। बीजेडी इसे गठबंधन की मजबूरी बता रही है। वहीं भाजपा कह रही है कि वह कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर मजबूत रुख अपना रही है।

कोटिया के लोग लंबे समय से दोनों राज्यों की प्रशासनिक सेवाओं का फायदा लेते आ रहे हैं। लेकिन अब चुनाव अधिसूचना के बाद तनाव बढ़ गया है। ओडिशा सरकार कानूनी रास्ता अपनाने की बात कर रही है, जबकि आंध्र प्रदेश चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर अड़ा हुआ है।

यह मामला सिर्फ सीमा का नहीं, बल्कि राजनीतिक संतुलन का भी है। दोनों सहयोगी दलों के बीच यह टकराव एनडीए के अंदर भी सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट या केंद्र सरकार इस लंबे विवाद का कोई स्थायी समाधान निकाल पाती है या नहीं।

संबंधित खबर

आरक्षण के मुद्दे पर संजय निषाद की भाजपा को चेतावनी

बाहरी स्रोत

The Economic Times की रिपोर्ट: कोटिया के 21 गांवों पर आंध्र प्रदेश-ओडिशा विवाद

सीमा विवाद, पंचायत चुनाव और दोनों राज्यों के राजनीतिक रुख से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट।

देश की राजनीति, चुनाव और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भरोसेमंद खबरें और विस्तृत रिपोर्ट Akhandrashtra.com पर पढ़ सकते हैं। ऐसी ही खबरों के लिए हमारी वेबसाइट पर विज़िट करें।

Akhand Rashtra पर और खबरें पढ़ें →

You Might Also Like

सुप्रीम कोर्ट में आज SIR याचिका की सुनवाई: वोट चोरी के आरोपों पर बड़ी परीक्षा
ठाणे डॉक्टर्स फाउंडेशन का महारक्तदान शिविर में 69 लोगों ने किया रक्तदान
CEC के खिलाफ आज राष्ट्रपति से मिलेगा INDIA ब्लॉक का प्रतिनिधिमंडल, दिल्ली से लेकर पटना तक गरमाई सियासत
अखिलेश यादव चुनाव आयोग विरोध: स्वास्थ्य साथ नहीं दे रहा, वरना बैरिकेडिंग तोड़ देते
जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने को लेकर विवाद: CJP के नेताओं की हिरासत पर अभिजीत का कड़ा हमला
Share This Article
Facebook Email Print
Previous Article अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा तनाव और फेस-ऑफ से जुड़ी खबर अरुणाचल में चीन से फेस-ऑफ जारी, आईटीबीपी डीजी ने किया खुलासा… कांग्रेस ने पूछा- मोदी जी चुप क्यों हैं?
Next Article लद्दाख को विधानसभा और संवैधानिक सुरक्षा देने की मांग करते सोनम वांगचुक सोनम वांगचुक का केंद्र पर बड़ा आरोप: मई का वादा तोड़ दिया, लद्दाख को विधानसभा दो
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • अखिलेश यादव का रामपुर दौरा: जेल में आजम खान से मुलाकात, बोले- किसी राजनीतिक परिवार ने इतना अन्याय नहीं झेला
  • आजमगढ़ में MLC चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई, वाहन से ₹2.41 लाख बरामद
  • यूपी में अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर वॉर, सपा पर माफिया संरक्षण और परिवारवाद के आरोप
  • सोनम वांगचुक का केंद्र पर बड़ा आरोप: मई का वादा तोड़ दिया, लद्दाख को विधानसभा दो
  • आंध्र-ओडिशा सीमा विवाद: 21 गांवों पर भाजपा और टीडीपी आमने-सामने, बीजेडी-कांग्रेस भी मैदान में

Recent Comments

No comments to show.
about us

Akhand Rashtra एक राष्ट्रीय दैनिक अख़बार है, जो 20 वर्षों से निष्पक्ष, सटीक और जिम्मेदार पत्रकारिता करते हुए प्रिंट व डिजिटल माध्यमों पर सक्रिय है।

Important Category

  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • गुजरात
  • पश्चिम बंगाल
  • बिहार
  • महाराष्ट्र

Important Links

  • देश
  • विदेश
  • एक्सक्लूसिव
  • अपराध
  • राजनीति
  • साहित्य

Quick Link

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions – Akhand Rashtra
  • Disclaimer
  • GDPR
  • Contact
© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?

Not a member? Sign Up