By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Reading: अरुणाचल में चीन से फेस-ऑफ जारी, आईटीबीपी डीजी ने किया खुलासा… कांग्रेस ने पूछा- मोदी जी चुप क्यों हैं?
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
Font ResizerAa
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Akhand Rashtra News > एक्सक्लूसिव > अरुणाचल में चीन से फेस-ऑफ जारी, आईटीबीपी डीजी ने किया खुलासा… कांग्रेस ने पूछा- मोदी जी चुप क्यों हैं?
एक्सक्लूसिवताज़ा ख़बरेंदेशराजनीति

अरुणाचल में चीन से फेस-ऑफ जारी, आईटीबीपी डीजी ने किया खुलासा… कांग्रेस ने पूछा- मोदी जी चुप क्यों हैं?

Anam Fatima
Last updated: October 23, 2026 2:00 pm
Anam Fatima
35 minutes ago
Share
अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा तनाव और फेस-ऑफ से जुड़ी खबर
अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर तनाव को लेकर उठे सवाल।
SHARE

अपनी भाषा चुने।

Contents
आईटीबीपी डीजी का बड़ा बयानसितंबर में हुई थी बातचीत, लेकिन तनाव बरकरारकांग्रेस का तीखा हमलाक्या है पूरी पृष्ठभूमि?राजनीतिक सरगर्मि

अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर भारत और चीन के बीच तनाव अब कोई छिपी बात नहीं रही। आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने खुद मुंह खोल दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि अरुणाचल में कई जगहों पर चीनी सैनिकों के साथ आमना-सामना जारी है। यह बयान आते ही कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवालों की बौछार कर दी है।

आईटीबीपी डीजी का बड़ा बयान

गुरुवार को राजस्थान के अलवर में आईटीबीपी के हिमवीर सम्मान समारोह में महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने कहा—

“पिछले कुछ दिनों में अरुणाचल में कई स्थानों पर face-off हुआ है और यह अभी भी जारी है। वहां हमारे शौर्य कमांडो टीमों ने बेहतरीन भूमिका निभाई है।”

यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जुलाई से अरुणाचल के ऊपरी सुबनसिरी जिले के तक्षिंग और असाफिला इलाके में तनाव की खबरें आ रही थीं, लेकिन सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। आईटीबीपी प्रमुख का यह बयान पहली बार आधिकारिक रूप से इस तनाव को स्वीकार करता है।

- Advertisement -
anaya's kitchenanaya's kitchen

सूत्रों के मुताबिक, चीनी सैनिकों ने भारत की एलएसी की धारणा से 6-7 किलोमीटर अंदर तंबू लगा रखे हैं। जुलाई में नियमित गश्त के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आए थे। उसके बाद चीनी सैनिक बड़ी संख्या में लौटे और अपनी पोजीशन मजबूत कर ली।

सितंबर में हुई थी बातचीत, लेकिन तनाव बरकरार

सितंबर में दोनों देशों के बीच कोर कमांडर स्तर की बातचीत वाचा-दमाई पॉइंट पर हुई थी। लेकिन आईटीबीपी प्रमुख के बयान से साफ है कि बातचीत के बावजूद स्थिति सामान्य नहीं हुई है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान दिल्ली आने के समय भी यह तनाव जारी रहा।

आईटीबीपी प्रमुख ने शौर्य कमांडो की तारीफ करते हुए कहा कि बल को अपनी मूल जिम्मेदारी नहीं छोड़नी चाहिए। उन्होंने चीन को भारत का “सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी” बताया और कहा कि पारंपरिक हथियारों से मुकाबला अब मुश्किल है। ड्रोन और भूमिगत बंकरों पर जोर देने की बात भी कही गई।

कांग्रेस का तीखा हमला

इस बयान के आते ही कांग्रेस सक्रिय हो गई। पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर लिखा—

“खुद को विश्वगुरु कहने वाले चीन को छूट दे रहे हैं। आईटीबीपी के डीजी ने अरुणाचल में चीनी सेना के साथ हालिया झड़पों में जवानों के प्रदर्शन की सही तारीफ की है। लेकिन इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री और उनकी व्यवस्था की तरफ से सन्नाटा पसरा हुआ है।”

कांग्रेस का आरोप है कि जुलाई से चल रहे इस तनाव पर न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोई बयान दिया, न ही गृह मंत्री अमित शाह ने। पार्टी ने पूछा कि जब सीमा पर स्थिति इतनी गंभीर है तो सरकार चुप क्यों है?

कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने भी कहा कि जुलाई से अक्टूबर तक देश को इस बात का पता ही नहीं चला। अब जब आईटीबीपी प्रमुख ने खुद बताया तो सरकार को जवाब देना चाहिए।

क्या है पूरी पृष्ठभूमि?

अरुणाचल प्रदेश में चीन के साथ तनाव कोई नई बात नहीं है। लेकिन इस बार की स्थिति इसलिए अलग है क्योंकि आधिकारिक स्तर पर इसे स्वीकार किया गया है। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि कुछ गश्ती बिंदुओं पर पहुंच बाधित हो गई है। चीन अरुणाचल के कुछ इलाकों के नाम बदलने और बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं का निर्माण भी कर रहा है, जिससे भारत की जल सुरक्षा पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

सरकार की तरफ से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पहले कहा था कि अरुणाचल में कोई नया कब्जा नहीं हुआ है, लेकिन स्थानीय लोगों की चिंताओं को स्वीकार किया था।

राजनीतिक सरगर्मि

यह मुद्दा अब राजनीतिक रंग ले चुका है। विपक्ष इसे सीमा सुरक्षा पर सवाल के रूप में उठा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष अब तक चुप है। आईटीबीपी प्रमुख का बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सेना या पुलिस बल के मुखिया की तरफ से आया है, न कि किसी राजनीतिक नेता की तरफ से।

अरुणाचल की सीमा पर चल रहा यह तनाव एक बार फिर याद दिलाता है कि भारत-चीन संबंधों में कितनी जटिलताएं बाकी हैं। बातचीत के बावजूद जमीन पर स्थिति सामान्य न होना सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि सरकार इस आधिकारिक खुलासे पर क्या रुख अपनाती है।

संबंधित खबर


महोबा में BJP विधायक से जुड़ी खबर पढ़ें

संबंधित बाहरी स्रोत


The Indian Express की अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर फेस-ऑफ से संबंधित रिपोर्ट पढ़ें

देश की राजनीति, चुनाव और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भरोसेमंद खबरें और विस्तृत रिपोर्ट Akhandrashtra.com पर पढ़ सकते हैं। ऐसी ही खबरों के लिए हमारी वेबसाइट पर विज़िट करें।


Akhand Rashtra पर और खबरें पढ़ें →

You Might Also Like

UP Rajya Sabha: बीजेपी-एनडीए की बढ़ सकती है टेंशन, यूपी उपचुनाव में तीसरा उम्मीदवार उतारेगी समाजवादी पार्टी
चेन्नई में गूंजा ‘डेमोक्रेसी की हत्या’ का नारा, TVK-कांग्रेस ने खोला मोर्चा
Delhi Terror Plot: दिल्ली दहलाने की साजिश नाकाम! महाराष्ट्र ATS और स्पेशल सेल का बड़ा एक्शन, मुंबई से 2 संदिग्ध गिरफ्तार; ‘टॉय कार’ से धमाके का था प्लान
Rajya Sabha 2026 का महा-संग्राम: 10 राज्यों में 18 जून को पड़ेंगे वोट
कोटा में NEET परीक्षा से ठीक पहले बड़ा हादसा, अल्मोड़ा के छात्र ने हॉस्टल की छत से कूदकर दी जान
TAGGED:Arunachal PradeshBorder SecurityChinaIndia China BorderIndia NewsIndian National CongressITBPNarendra Modiअरुणाचल प्रदेशआईटीबीपीकांग्रेसचीननरेंद्र मोदीभारत-चीन सीमा विवादराष्ट्रीय समाचारसीमा सुरक्षा
Share This Article
Facebook Email Print
Previous Article लखनऊ में कांग्रेस नेताओं की बैठक और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जुड़ी खबर कांग्रेस को धार देने में जुटे युवा नेता: सैयद मोहम्मद मुजम्मिल रिजवी ने प्रदेश कार्यालय में दिग्गजों के साथ की अहम बैठक, 2027 चुनाव पर मंथन
Next Article आंध्र प्रदेश और ओडिशा के बीच कोटिया के 21 गांवों को लेकर सीमा विवाद आंध्र-ओडिशा सीमा विवाद: 21 गांवों पर भाजपा और टीडीपी आमने-सामने, बीजेडी-कांग्रेस भी मैदान में
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • अखिलेश यादव का रामपुर दौरा: जेल में आजम खान से मुलाकात, बोले- किसी राजनीतिक परिवार ने इतना अन्याय नहीं झेला
  • आजमगढ़ में MLC चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई, वाहन से ₹2.41 लाख बरामद
  • यूपी में अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर वॉर, सपा पर माफिया संरक्षण और परिवारवाद के आरोप
  • सोनम वांगचुक का केंद्र पर बड़ा आरोप: मई का वादा तोड़ दिया, लद्दाख को विधानसभा दो
  • आंध्र-ओडिशा सीमा विवाद: 21 गांवों पर भाजपा और टीडीपी आमने-सामने, बीजेडी-कांग्रेस भी मैदान में

Recent Comments

No comments to show.
about us

Akhand Rashtra एक राष्ट्रीय दैनिक अख़बार है, जो 20 वर्षों से निष्पक्ष, सटीक और जिम्मेदार पत्रकारिता करते हुए प्रिंट व डिजिटल माध्यमों पर सक्रिय है।

Important Category

  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • गुजरात
  • पश्चिम बंगाल
  • बिहार
  • महाराष्ट्र

Important Links

  • देश
  • विदेश
  • एक्सक्लूसिव
  • अपराध
  • राजनीति
  • साहित्य

Quick Link

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions – Akhand Rashtra
  • Disclaimer
  • GDPR
  • Contact
© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?

Not a member? Sign Up