दिल्ली NCR Pollution का स्तर एक बार फिर चिंताजनक हो गया है। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई है। कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 400 के पार दर्ज किया गया है, जिससे हवा सांस लेने लायक नहीं रह गई है। दिवाली से ठीक पहले प्रदूषण का ये स्तर स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन गया है।
दिल्ली NCR Pollution की मौजूदा स्थिति
3 नवंबर की सुबह दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 330 से 331 के आसपास रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। हालांकि कई इलाकों में स्थिति और भी गंभीर हो गई। जहांगीरपुरी, रोहिणी, पंजाबी बाग, बवाना, नरेला, अलीपुर और विवेक विहार जैसे क्षेत्रों में AQI 400 से ऊपर पहुंच गया। कुछ स्टेशनों पर यह 450 के करीब या उससे भी अधिक दर्ज किया गया।
दिल्ली NCR Pollution के आंकड़ों के अनुसार रोहिणी में AQI 429 से 431, पंजाबी बाग में 424 और बवाना में 408 के आसपास रहा। जहांगीरपुरी में सबसे ज्यादा प्रदूषण दर्ज किया गया, जहां AQI 450 से ऊपर पहुंच गया। पटपड़गंज, आरके पुरम, आईटीओ और ओखला जैसे क्षेत्रों में भी AQI 350 से 380 के बीच रहा, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है।
नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी हवा की गुणवत्ता खराब बनी हुई है। कुछ जगहों पर AQI 300 से ऊपर दर्ज किया गया। समग्र रूप से दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहा है।
GRAP-2 लागू होने के बाद भी दिल्ली NCR Pollution में सुधार नहीं
2 नवंबर को जब दिल्ली का औसत AQI 324 पर पहुंच गया तो वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने पूरे दिल्ली-एनसीआर में GRAP-2 लागू कर दिया। ये चरण तब लागू होता है जब AQI 301 से 400 के बीच होता है। GRAP-2 के तहत कई सख्त उपाय लागू किए गए हैं।
इनमें सड़क की धूल नियंत्रित करने के लिए पानी का छिड़काव बढ़ाना, निर्माण गतिविधियों पर सख्ती, डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर रोक (आवश्यक सेवाओं को छोड़कर), कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर पाबंदी और पार्किंग शुल्क बढ़ाने जैसे कदम शामिल हैं। सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव और पब्लिक ट्रांसपोर्ट बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। दिल्ली मेट्रो ने अतिरिक्त ट्रिप चलाने का फैसला किया है।
इन उपायों के बावजूद दिल्ली NCR Pollution का स्तर सुबह के समय गंभीर बना रहा। मौसम की स्थिति भी प्रतिकूल बनी हुई है। हवा की गति कम होने और तापमान गिरने से प्रदूषक तत्व हवा में लंबे समय तक बने रह रहे हैं।
किन इलाकों में सबसे ज्यादा प्रभावित दिल्ली NCR Pollution
दिल्ली के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में प्रदूषण सबसे ज्यादा है। जहांगीरपुरी, रोहिणी, बवाना, नरेला और अलीपुर जैसे इलाकों में AQI लगातार 400 के पार बना हुआ है। ये क्षेत्र औद्योगिक गतिविधियां, वाहनों की भीड़ और खुले में कचरा जलाने जैसी समस्याओं से जूझते हैं।
दक्षिणी और मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है, लेकिन वहां भी AQI ‘खराब’ या ‘बहुत खराब’ श्रेणी में ही है। एयरपोर्ट क्षेत्र और कुछ अन्य जगहों पर AQI 250-280 के आसपास दर्ज किया गया, जो फिर भी स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है।
दिल्ली NCR Pollution की ये स्थिति दिवाली से पहले और ज्यादा चिंताजनक इसलिए है क्योंकि पटाखों के इस्तेमाल से प्रदूषण और बढ़ने की आशंका है। पिछले वर्षों के अनुभव बताते हैं कि दिवाली के आसपास AQI अचानक बहुत ऊपर चला जाता है।
स्वास्थ्य पर असर और सावधानियां
AQI 400 के पार होने का मतलब है कि हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (PM2.5 और PM10) फेफड़ों में गहराई तक पहुंच सकते हैं। इससे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और हृदय संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस की बीमारी वाले लोगों के लिए ये हवा खतरनाक है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि लोग सुबह और शाम के समय बाहर निकलने से बचें। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो N95 मास्क जरूर पहनें। घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और खिड़कियां बंद रखें। ज्यादा शारीरिक गतिविधि से बचें।
दिल्ली NCR Pollution के कारण स्कूलों और दफ्तरों में भी असर पड़ सकता है। कई लोग घर से काम करने या कम समय बाहर रहने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
आगे की संभावना
मौसम विभाग और संबंधित एजेंसियों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी रह सकती है। अगर मौसम में सुधार नहीं हुआ तो प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। GRAP-2 के उपायों को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही सीमाओं पर वाहनों की जांच बढ़ाई गई है ताकि प्रदूषण फैलाने वाले वाहन दिल्ली में प्रवेश न कर सकें।
दिल्ली NCR Pollution की ये स्थिति हर साल सर्दियों की शुरुआत में दोहराई जाती है। पराली जलाने, वाहनों का धुआं, निर्माण की धूल और मौसम की स्थिति मिलकर समस्या को बढ़ा देते हैं। इस बार दिवाली से पहले ही AQI गंभीर स्तर पर पहुंच गया है, इसलिए प्रशासन और आम लोगों दोनों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
शहर के कई इलाकों में घना कोहरा और धुंध छाई हुई है। सुबह के समय दृश्यता भी कम हो गई है। लोग सड़कों पर मास्क लगाकर निकल रहे हैं। दिल्ली NCR Pollution अब सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं रह गई है, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने वाला मुद्दा बन चुका है।
संबंधित आधिकारिक स्रोत
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड – AQI डैशबोर्ड
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