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शैक्षणिक परिसर में वोक-जिहादी मानसिकता की घुसपैठ खतरनाक
,–प्रोफेसर शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित, कुलपति, जेएनयू भारतीय उच्च…
कितना भ्रम में……?
आओ मित्रों तुम्हें सुनाएं…!जग वालों की इंसानी दास्तान…नहीं…
लोकतांत्रिक देश में क्या न्यायपालिका से प्रश्न करना वर्जित है?
प्रोफेसर शांतिश्री धुलिपुड़ी, कुलपति, जेएनयू "लोकतंत्र तब फलता-फूलता…
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में डॉ हेडगेवार का स्मरण
–प्रोफेसर शांतिश्री धुलीपुडी पंडित, कुलपति, जेएनयू दुर्भाग्य से…
वामपंथियों की ऐतिहासिक साजिश ने क्रूर औरंगजेब को बनाया उदार
– प्रो. शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित, कुलपति, जेएनयू हाल…
