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कितना दूँ मैं विस्तार…..!
कदम-कदम पर ताने मिलते,होता आया हरपल दुत्कार….गाँव-देश को…
मां के बिना मानव जीवन का अस्तित्व संभव नहीं
–गौरव दुबे, जौनपुर माँ कोई साधारण शब्द नही…
अनायास का दोषारोपण…..!
करके गहन गवेषणा….!की गई थी….तीर्थराज में….अद्भुत-अतुल्य महाकुम्भ की…
ई ससुरी जाड़ा…..!
सुना रे भैया….!बहुतै पढ़ावै ले पहाड़ा…ई ससुरी जाड़ा…कफ़-पित्त-वायु…
बस मुण्डन मोर करा दो मैया…..!
मैया देख तनिक तो मुझको…!कितनो बड़ो ह्वै गयो…
कसम……!
मित्रों मानो मेरी बात….संसार में….कसम खाना….!कसम से…सबसे आसान…और…सबसे…
