मुंबई। मुंबई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा मुंबई कांग्रेस के उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने आज अपने अंधेरी पूर्व स्थित कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए एक बार फिर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को कंधे से कंधा मिलाकर पार्टी के प्रति वफादारी के साथ खड़े रहने का आवाहन करते हुए कहा कि कुछ दागदार नेता, मोदी और अमित शाह के डर से पार्टी छोड़कर बीजेपी में जा रहे हैं । लेकिन इसका हश्र उनको आने वाले चुनाव में साफ दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के भाजपा में जाने से दुखी जरूर है, परंतु उनके पार्टी छोड़कर जाने से, कांग्रेस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। पिछले विधानसभा के चुनाव में भी कई नेता पार्टी छोड़कर बीजेपी में गए थे, वे महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव में बुरी तरह से हार गए। अर्जुन सिंह ने कहा कि वे कांग्रेस के सभी निष्ठावान नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि आप हाथ के पंजे को मजबूत करिए और पार्टी के कंधे से कंधा मिलाकर आने वाले लोकसभा चुनाव में पार्टी के महागठबंधन के प्रत्याशियों को भारी मतों से विजई बनाइए। । श्री सिंह ने कहा कि उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव मे बड़े-बड़े नेता पार्टी छोड़कर गए और उनका हश्र बुरा हुआ यहां तक कि वह अपना खुद का विधानसभा नहीं बचा पाए चुनाव हार गए कई पूर्व नेता जो पार्टी बदलकर गए हैं वह वापस आने के फिराक में जुगाड़ लगा रहे हैं। चुनाव नजदीक आने पर आने जाने का सिलसिला लगा रहेगा । कार्यकर्ताओं को इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है। अर्जुन सिंह ने कहा कि हम कांग्रेसी हैं। मरते दम तक कांग्रेस में ही रहेंगे।
कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता पार्टी के साथ –अर्जुन सिंह

अपनी भाषा चुने।
You Might Also Like
Leave a Comment
Recent Posts
- SIR विवाद में भूचाल: 13 करोड़ नाम हटने पर बवाल, ECI में 14 बार आंतरिक मतभेद का खुलासा; मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, CJP का CEC ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे का अल्टीमेटम
- असली Joker कौन? अभिजीत दीपके और CJP पर शिवसेना का तीखा हमला
- सिस्टम को स्टूडेंट नहीं, अंधभक्त चाहिए’: इंदौर में राहुल गांधी की हुंकार; 13% होल्ड, पेपर लीक और फर्जीवाड़े पर छात्रों के साक्ष्यों से गरमाई सियासत
- 63 घंटे बाद भी न्याय का इंतजार: विक्रम के परिवार के समर्थन में उठी आवाज, प्रशासन से मुआवजा-नौकरी और पुनर्वास की मांग
- भोर की खामोशी चीखों में बदली: सिजुआ में धंसी धरती, मलबे में दबकर 10 वर्षीय विक्रम की मौत; 25 परिवारों पर टूटा बेघर होने का संकट
