जौनपुर। पूर्व सांसद और बाहुबली नेता धनंजय सिंह पर 21वर्ष पूर्व हुए जानलेवा हमले के मामले में वाराणसी के विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए अवनीश गौतम की कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। अदालत ने इस मामले में फैसले के लिए चार अगस्त की तिथि नियत कर दी है। हालांकि इस मामले में एक पेंच फंसा है कि वादी धनंजय के अधिवक्ता बहस करेंगे या नहीं। इस मुद्दे पर न्यायधीश ने सीधे कह दिया है कि सुनवाई पूरी हो गई है।गौरतलब हो कि जौनपुर के तत्कालीन विधायक एवं पूर्व सांसद धनंजय सिंह अपने साथियों के साथ चार अक्टूबर, 2002 को सफारी गाड़ी से परिवार के सदस्यों के साथ रामजी सिंह की पत्नी को वाराणसी के कबीरनगर स्थित एक अस्पताल से देखकर वापस जौनपुर लौट रहे थे। शाम छह बजे जैसे ही वे नदेसर स्थित टकसाल सिनेमाहाल के पास पहुंचे, तभी वहां टाटा सफारी और एक बोलेरो में सवार राजेपुर महराजगंज फ़ैजाबाद निवासी अभय सिंह, जो वर्तमान में सपा के विधायक भी है,धनंजय की गाड़ी के सामने अपनी गाड़ी खड़ी कर अपने 4-5 साथियों के साथ गाड़ियों से उतर कर ललकारते हुये कहा कि यही धनंजय सिंह है, मारो । अभय सिंह खुद हाथ में पिस्टल लेकर जान से करने की नियत से गोली चलाने लगे । तभी बोलेरो से कई लोग उतरकर स्वचालित हथियारों से फायर करने लगे। जिससे बाजार में भगदड़ मच गई और लोग डर कर इधर-उधर भागने लगे और दुकानें बंद होने लगी। इस हमले में तत्कालीन विधायक व पूर्व सांसद धनंजय सिंह, जितेंद्र बहादुर सिंह, संतोष सिंह, गनर बासुदेव पाण्डेय व ड्राईवर दिनेश गुप्ता घायल हो गए थे।इसी बीच पुलिस की गाड़ी आ गई। पुलिस की गाड़ी देख, अभय सिंह व उसके साथी अपने वाहनों से फरार हो गए। जिसके बाद इस मामले में धनंजय सिंह ने कैंट थाने में अभय सिंह समेत 4-5 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। अब मुकदमें में फैसले की घड़ी नजदीक आ गई है।
वाराणसी की विशेष अदालत 4 अगस्त को सुनाएगी फैसला

अपनी भाषा चुने।
Leave a Comment
Recent Posts
- सिस्टम को स्टूडेंट नहीं, अंधभक्त चाहिए’: इंदौर में राहुल गांधी की हुंकार; 13% होल्ड, पेपर लीक और फर्जीवाड़े पर छात्रों के साक्ष्यों से गरमाई सियासत
- 63 घंटे बाद भी न्याय का इंतजार: विक्रम के परिवार के समर्थन में उठी आवाज, प्रशासन से मुआवजा-नौकरी और पुनर्वास की मांग
- भोर की खामोशी चीखों में बदली: सिजुआ में धंसी धरती, मलबे में दबकर 10 वर्षीय विक्रम की मौत; 25 परिवारों पर टूटा बेघर होने का संकट
- कतरास बाजार में पुलिस का सघन वाहन जांच अभियान, नाबालिगों की बाइक जब्त
- भोर की खामोशी चीखों में बदली: सिजुआ में धंसी धरती, मलबे में दबकर 10 वर्षीय बच्चे की मौत
