एटा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के “माफिया मुक्त प्रदेश” के संकल्प के बावजूद एटा जिले में माफियाओं और दबंगों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला एटा जनपद के कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित सिविल लाइन चौकी क्षेत्र के मोती गैस के सामने का है जहां एक दलित पीड़ित परिवार अपनी ही पैतृक भूमि पर सफाई कार्य करा रहा था, लेकिन यादव समाज से जुड़े कथित माफियाओं ने जबरन काम रुकवा दिया और जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित परिवार के अनुसार, वे पीढ़ियों से एटा-आगरा मुख्य मार्ग पर स्थित उक्त भूमि के तन्हा सभी भाई मालिक हैं। वर्षों पूर्व यादव समाज के भूमाफिया कुछ दबंगों ने कथित रूप से फर्जी बैनामा करवा कर उस भूमि के एक हिस्से पर पक्का निर्माण कर कब्जा कर लिया। अब वे शेष बची भूमि पर भी कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रार्थिया ने अवैध कब्जे की शिकायत मुख्य मंत्री जिलाधिकारी एस डी एम तहसीलदार लेखपाल सभी से की गयी किंतु उसे अभी तक न्याय नहीं मिला बल्की उसकी शेष बची भूमि पर योगी जी के राज्य में भी कब्जा किया जा रहा है।
पीड़ित का कहना है कि वह केवल अपने खाली प्लाट की सफाई करवा रहा था, लेकिन दबंगों ने आकर सफाई रुकवा दी, धमकियां दीं और कहा कि उस ज़मीन का अब उनके नाम बैनामा है। पीड़ित का यह भी आरोप है कि बीते 15-20 वर्षों से यह माफिया गिरोह उन्हें परेशान कर रहा है और अब तो उन्हें अपनी ही जमीन पर काम करना भी भारी पड़ रहा है।
स्थिति उस समय और भी तनावपूर्ण हो गई जब पीड़ित को यह जानकारी मिली कि कब्जा करने वाले दबंगों में नाजिम सिंह यादव यशवंत यादव जो एटा के पूर्व चेयरमैन का वेटा है, सहित अन्य माफियाओं द्वारा फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमीन हड़पने की कोशिश कर रहा है।आज इन लोगों ने भारी संख्या में वाहरी गुंडे कारो में भर कर बुलाये जिसमें एक आई 20 कार नम्बर UP 83 AX 1058 सहित अन्य कारो में भर कर आये गुंडो द्वारा वहाँ मौजूद लोगों तथा पत्रकारों को भी धमकियों दी गयी ।तथा फिर से वहाँ न आने तथा आने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
सूचना पर मौके पर पहुंची कोतवाली नगर पुलिस, डायल 112 टीम और चौकी प्रभारी महेन्द्र सिंह की तत्परता से कब्जे की कोशिश पर फिलहाल रोक लगाई गई है, और कहा गया है कि जब तक मालिकाना हक स्पष्ट नहीं होता, तब तक कोई कार्य नहीं किया जाएगा।
पीड़ित दलित परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि उनकी जमीन पर से यादव समाज के माफियाओं द्वारा किया गया अवैध कब्जा हटाया जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि वह बेहद गरीब हैं, मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, और यह ज़मीन ही उनकी इकलौती संपत्ति है।
समाचार लिखे जाने तक क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और पीड़ित परिवार भय के साए में जी रहा है।

