रांची। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर 15 नवंबर को झारखंड सहित पूरे देश में भव्य आयोजन की तैयारी की जा रही है।
प्रदेश भाजपा ने इस ऐतिहासिक अवसर को विशेष रूप से मनाने के लिए रांची से लेकर दिल्ली तक कार्यक्रमों की श्रृंखला की योजना बनाई है।
सूत्रों के अनुसार, खूंटी जिले के उलिहातु, जो भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली है, वहां किसी केंद्रीय मंत्री के आगमन का कार्यक्रम भी तय किया जा रहा है।
भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा यह योजना बनाई जा रही है कि आदिवासी समाज के सांस्कृतिक और धार्मिक नेताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलवाया जाए, ताकि देश के जनजातीय समाज के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित हो सके।
दिल्ली और झारखंड में समानांतर कार्यक्रम
दिल्ली के सराय काले खान चौक, जिसे पिछले वर्ष भगवान बिरसा मुंडा चौक नाम दिया गया था, वहां भी केंद्रीय भाजपा के स्तर पर विशेष आयोजन किया जाएगा।
राज्य में लगभग 26 प्रतिशत आदिवासी समुदाय को जोड़ने और केंद्र सरकार के कार्यों का संदेश देने के लिए भाजपा यह अवसर बड़े पैमाने पर मनाने की तैयारी में है।
हर जिले में लगेंगी केंद्र सरकार की प्रदर्शनी
प्रदेश भाजपा सभी जिलों में केंद्र सरकार द्वारा आदिवासी समुदाय के लिए किए गए कार्यों की प्रदर्शनी आयोजित करेगी।
इन आयोजनों में आदिवासी समाज के प्रमुख व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा तथा ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों से भी आदिवासी प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा।
गौरतलब है कि इन दोनों राज्यों में इस समय भाजपा सरकार है और दोनों ही राज्यों में आदिवासी मुख्यमंत्री नेतृत्व कर रहे हैं।
उलिहातु का “राजकीय बिरसा महोत्सव” अब बनेगा पर्यटन महोत्सव
वहीं, राज्य सरकार ने खूंटी स्थित भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातु में आयोजित राजकीय बिरसा महोत्सव को पर्यटन महोत्सव के रूप में घोषित कर दिया है।
राज्य पर्यटन संवर्द्धन समिति की अनुशंसा पर लिए गए इस निर्णय को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वीकृति दी, जिसके बाद पर्यटन, कला, संस्कृति एवं खेलकूद विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है।
इस फैसले से उलिहातु में पर्यटन विकास, आधारभूत संरचनाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
झारखंड की धरती पर भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती न केवल ऐतिहासिक श्रद्धांजलि का अवसर होगी, बल्कि यह राज्य के आदिवासी गौरव, संस्कृति और एकता का भी प्रतीक बनेगी।

