सरहुल में दिखा संवेदनशील नेतृत्व: जब एसएसपी प्रभात कुमार ने परंपरा के संग जोड़ा दिल, पुलिस लाइन बना सांस्कृतिक संगम
धनबाद: पुलिस लाइन स्थित पुलिस केंद्र में इस वर्ष सरहुल का आयोजन सिर्फ एक पारंपरिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संवेदनशील नेतृत्व और सांस्कृतिक सम्मान का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।
कार्यक्रम की खास पहचान रहे जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिन्होंने केवल औपचारिक उपस्थिति दर्ज नहीं कराई, बल्कि पूरे मन से इस पर्व की आत्मा को महसूस किया।
विधिवत पूजा-अर्चना में शामिल होकर उन्होंने जिले की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। लेकिन जो दृश्य सबसे अलग और दिल को छू लेने वाला रहा, वह था उनका सहज रूप—जब वे मंदार की थाप पर स्थानीय परंपरा के साथ खुद को जोड़ते नजर आए। यह सिर्फ एक क्षण नहीं था, बल्कि पुलिस और समाज के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक बन गया।
ट्रैफिक एसपी, डीएसपी साइबर समेत कई वरीय अधिकारी और जवानों की मौजूदगी में पूरा परिसर आदिवासी संस्कृति के रंग में रंग गया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, पारंपरिक गीतों की मधुर लय और सामूहिक उत्साह ने माहौल को जीवंत कर दिया।
अधिकारियों ने भी माना कि ऐसे आयोजन पुलिस बल में भाईचारा, एकता और मानवीय जुड़ाव को मजबूत करते हैं। सरहुल, जो प्रकृति और जीवन के संतुलन का संदेश देता है, इस बार पुलिस परिवार के भीतर एक नई ऊर्जा और अपनापन भर गया।
यह आयोजन बता गया कि जब नेतृत्व संवेदनशील हो, तो वर्दी सिर्फ कर्तव्य नहीं निभाती—वह समाज के दिलों से जुड़ती भी है।
– वरीय संवाददाता कृष्णा कुमार नोनिया

