धनबाद जिले के पुटकी अंचल स्थित तेतुलमुडी मौजा में एक बार फिर जमीन अधिग्रहण को लेकर हलचल तेज हो गई है। कोयला उत्पादन बढ़ाने की योजना के तहत भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) द्वारा बड़े पैमाने पर भूमि लेने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिससे सैकड़ों परिवार प्रभावित होने की आशंका है।
जिला भू-अर्जन कार्यालय के अनुसार इस परियोजना के तहत कुल 54.82 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इस प्रक्रिया का सीधा असर 191 परिवारों पर पड़ेगा, जिन्हें विस्थापन का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, 248 रैयतों को भी इस परियोजना से प्रभावित श्रेणी में रखा गया है।
क्या है पूरा मामला
तेतुलमुडी मौजा (थाना संख्या 271) में बीसीसीएल द्वारा कोयला उत्खनन को विस्तार देने की योजना है। इसके लिए प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस परियोजना से पहले सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (Social Impact Assessment) का कार्य पूरा कर लिया गया है, जिसमें प्रभावित परिवारों और रैयतों का आकलन किया गया।
विस्थापन के साथ उम्मीदें भी
प्रशासन का कहना है कि प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा और पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, परियोजना के जरिए स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होने की बात कही गई है। योग्य व्यक्तियों को अलग-अलग श्रेणियों में रोजगार देने की योजना भी शामिल है।
लोगों की बढ़ती चिंता
हालांकि, जमीन अधिग्रहण की खबर सामने आते ही क्षेत्र में चिंता का माहौल है। जिन परिवारों की जमीन और घर इस दायरे में आ रहे हैं, उनके सामने आजीविका और पुनर्वास को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
आगे क्या
अब प्रशासनिक स्तर पर अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। आने वाले दिनों में मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार से जुड़े मुद्दे इस पूरे मामले में अहम भूमिका निभाएंगे। स्थानीय लोगों की निगाहें अब प्रशासन और बीसीसीएल के अगले कदम पर टिकी हैं।

