झारखंड के धनबाद जिले के बाघमारा प्रखंड अंतर्गत बीसीसीएल के गोविंदपुर क्षेत्र में मंगलवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) क्षेत्र के सोनारडीह टंडाबाड़ी में करीब शाम 6 बजे तेज धमाके के साथ अचानक भू-धंसान हुआ, जिसमें तीन घर पल भर में जमींदोज हो गए।
जिन घरों को नुकसान हुआ, उनमें मोनू उरांव, गणेश रजक और बैशाखी देवी का घर शामिल है। इस भयावह हादसे में तीन लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
दहशत और विरोध:
घटना के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए घर छोड़कर भागने लगे। गुस्साए ग्रामीणों ने सोनारडीह ओपी का घेराव किया और एनएच-32 फोरलेन सड़क को जाम कर दिया।
पीड़ित परिवार राहत और बचाव कार्य शुरू करने की मांग को लेकर ओपी परिसर में डटे रहे।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौके पर:
स्थानीय विधायक शत्रुघ्न महतो घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने उपायुक्त और बीसीसीएल के सीएमडी से बात कर तत्काल रेस्क्यू टीम भेजने की मांग की।
घटना के बाद डीएसपी पुरुषोत्तम कुमार सिंह, सीओ गिरिजा नंद किस्कू, जीएम सेफ्टी संजय कुमार सिंह और गोविंदपुर क्षेत्र के जीएम वी. विजय कुमार समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे।
अवैध खनन पर उठे सवाल:
विधायक शत्रुघ्न महतो ने इस हादसे के लिए अवैध खनन को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रशासन और राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। स्थानीय लोगों ने भी अवैध उत्खनन के खिलाफ जोरदार आक्रोश जताया।
पीड़ित परिवार का दर्द:
बीसीसीएल कर्मी परशुराम उरांव के अनुसार, उनकी पत्नी सरिता देवी (45), गीता कुमारी (16) और मनु उरांव (50) के दबे होने की आशंका है।
पीड़िता रिंकी कुमारी ने रोते हुए बताया कि अचानक जमीन धंसने से उनका पूरा घर समा गया और उनके परिवार के सदस्य मलबे में दब गए।
अधिकारियों के बयान:
• “कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है, रेस्क्यू टीम पहुंच चुकी है।” – संजय कुमार सिंह (जीएम सेफ्टी, बीसीसीएल)
• “स्थिति तनावपूर्ण है, लेकिन नियंत्रण में है। जांच की जा रही है।” – पुरुषोत्तम कुमार सिंह (डीएसपी)
• “अंधेरा के कारण राहत कार्य में परेशानी हो रही है।” – गिरिजा नंद किस्कू (सीओ)

फिलहाल स्थिति:
मौके पर प्रशासन और राहत टीम मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटी है। इलाके में दहशत और तनाव का माहौल बना हुआ है।
रेस्क्यू ऑपरेशन:
घटना के लगभग चार घंटे बाद रात 9:15 बजे रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। 9:35 बजे जनरेटर की व्यवस्था पूरी होने के बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने करीब 02: बजकर 40 मिनट में तीनों शवों को बाहर निकाला।
जैसे ही शव दिखाई दिए, पूरे इलाके में मातम पसर गया। चारों ओर चीख-पुकार मच गई और परिजन एक-दूसरे से लिपटकर रोने लगे। मौके पर मौजूद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए तीनों शवों मलबे में दबे सरिता देवी(45),मोनू उरांव(50),गीता कुमारी(16) का शव रात 2:40 पर बजे रेस्क्यू कर बरामद कर लिया गया तीनो शवो को एंबुलेंस के जरिए पोस्टमार्टम के लिए धनबाद पीएमसीएच भेज दिया। गया है।
