धनबाद | लोयाबाद:
आज के दौर में जहां लोग हादसों को देखकर भी आगे बढ़ जाते हैं, वहीं लोयाबाद के जेएमएम नगर उपाध्यक्ष हरेंद्र चौहान ने इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। उनका यह मानवीय कदम न सिर्फ एक परिवार के लिए सहारा बना, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा भी बन गया।
बताया जाता है कि बुधवार शाम हरेंद्र चौहान अपने परिवार के साथ तारापीठ मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे। इसी दौरान जारीडीह के पास सड़क पर लंबा जाम लगा हुआ था। जब उन्होंने रुककर स्थिति समझी, तो सामने एक दर्दनाक दृश्य था—एक आदिवासी परिवार के तीन मासूम बच्चे सड़क दुर्घटना में घायल पड़े थे और उनके परिजन इलाज के लिए मदद की गुहार लगा रहे थे।
इस मंजर को देखकर हरेंद्र चौहान का दिल पसीज गया। बिना देर किए उन्होंने मौके पर ही 45 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देकर बच्चों के इलाज की व्यवस्था कराई। उनकी इस त्वरित मदद से जहां बच्चों के इलाज का रास्ता साफ हुआ, वहीं परिवार की आंखों में राहत और कृतज्ञता के आंसू छलक पड़े।
परिवार ने भावुक होकर उन्हें आशीर्वाद दिया और कहा कि “ऐसे लोग ही भगवान का रूप होते हैं।” आसपास मौजूद लोगों ने भी इस नेक कार्य की जमकर सराहना की और कहा कि आज के समय में इस तरह की संवेदनशीलता बहुत कम देखने को मिलती है।
गौरतलब है कि हरेंद्र चौहान धनबाद के डिप्टी मेयर अरुण चौहान के बड़े भाई हैं, लेकिन उन्होंने यह साबित कर दिया कि पहचान पद से नहीं, बल्कि इंसानियत से बनती है।
यह घटना सिर्फ एक मदद की कहानी नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने वाली मिसाल है—जहां जरूरतमंद की मदद के लिए आगे बढ़ना ही सच्ची मानवता है। हरेंद्र चौहान का यह कदम निश्चित रूप से लोगों के दिलों में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
