उन्नाव, उत्तर प्रदेश – एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा पूरे गांव को शोक में डुबो गया है। 10 साल के मासूम बच्चे की रोड रोलर की चपेट में आकर मौत हो गई। बच्चे के बड़े भाई के साथ मोटरसाइकिल पर सवार बच्चा हादसे का शिकार बन गया। गुस्साए और दुखी परिजनों ने बच्चे का शव सड़क पर रखकर उन्नाव-लालगंज हाईवे को जाम कर दिया, जिससे करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा।
यह हादसा सोमवार शाम अछलगंज पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत पचौड़ा गांव के पास हुआ। पचौड़ा गांव निवासी रामनी के पुत्र अफजल अपने बड़े भाई रिजवान के साथ सिकंदरपुर कर्ण बाजार आम बेचने गया था। लौटते समय मोटरसाइकिल पर दोनों भाई घर आ रहे थे कि अचानक पीछे से तेज रफ्तार रोड रोलर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
पिछल बैठे अफजल को रोलर ने बुरी तरह कुचल दिया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। बाइक चला रहे बड़े भाई रिजवान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है।
परिवार का आक्रोश भरा प्रदर्शन
हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और गांव वाले मौके पर पहुंच गए। छोटे बच्चे की मौत से आक्रोशित परिवार ने शव को हाईवे पर रखकर धरना शुरू कर दिया। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम, जिसमें सर्किल ऑफिसर मधुप नाथ भी शामिल थे, घटनास्थल पर पहुंचे। अछलगंज और बिघापुर थाने की पुलिस ने परिवार को समझा-बुझाकर और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर हाईवे खुलवाया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने बच्चे का शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। रोड रोलर और उसके ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी गई है। मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
पचौड़ा गांव सन्नाटे में डूबा हुआ है। अफजाल बस परिवार की मदद के लिए आम बेचने गया था — गर्मियों में ग्रामीण उत्तर प्रदेश में यह आम दृश्य है। बच्चे की अचानक मौत ने भारी वाहनों की तेज रफ्तार और गांव की संकरी सड़कों पर सुरक्षा की कमी को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। वे रोलर चालक को सख्त सजा और क्षेत्र में बेहतर सड़क सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
परिवार अब न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है और बड़े बेटे के जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहा है। अफजाल की आत्मा को शांति मिले। ऐसे हादसे हमें याद दिलाते हैं कि ग्रामीण सड़कों पर जिंदगी कितनी नाजुक है।
