QUAD: भारत की मेजबानी में राजधानी दिल्ली में संपन्न हुई QUAD देशों के विदेश मंत्रियों की रणनीतिक बैठक से एक बेहद महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक संदेश सामने आया है। हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र की सुरक्षा के साथ-साथ इस बैठक में वैश्विक व्यापार के सबसे संवेदनशील रास्ते Strait of Hormuz को तत्काल और बिना किसी रुकावट के खोलने पर चारों देशों के बीच पूर्ण सहमति बनी।
रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दिल्ली से जारी यह साझा रुख सीधे तौर पर ईरान को एक बड़ा संदेश है। चूंकि होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का कड़ा नियंत्रण है और वहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है, इसलिए क्वाड का यह सख्त रुख पश्चिम एशिया की राजनीति में ईरान की चिंताएं बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।
लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन पर संकट, आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’: एस जयशंकर
बैठक के बाद आयोजित साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने वैश्विक व्यवस्था में आ रही रुकावटों पर विस्तार से बात की:
भारतीय विदेश मंत्री का रुख: “मौजूदा समय में दुनिया कई मोर्चों पर गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स और ग्लोबल सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। क्वाड देश वैश्विक स्थिरता के लिए साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसके साथ ही, हमने यह भी साफ कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ हमारी ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है और इसके वित्तपोषण व सुरक्षित पनाहगाहों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे।”
QUAD का साझा विजन: हिंद-प्रशांत में बढ़ेगा सहयोग
बैठक के समापन पर भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की ओर से एक संयुक्त विज्ञप्ति जारी की गई। इसमें वैश्विक और क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर भविष्य की रूपरेखा तय की गई है:
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समुद्री लोकतांत्रिक देशों की जुगलबंदी: साझा बयान में कहा गया कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र के अलग-अलग कोनों पर स्थित चार प्रमुख समुद्री लोकतांत्रिक देश होने के नाते, वैश्विक चुनौतियों पर विचारों का यह आदान-प्रदान और आपसी समन्वय बेहद अनिवार्य था।
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रणनीतिक निगरानी का विस्तार: आने वाले समय में चारों देश समुद्री क्षेत्र जागरूकता (Domain Awareness), पनडुब्बी केबल नेटवर्क की सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विस्तार, संयुक्त सैन्य व नागरिक ट्रेनिंग और आपदा जोखिम न्यूनीकरण (HADR) के मोर्चे पर अपने सहयोग को कई गुना मजबूत करेंगे।
वैश्विक समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय कानूनों की वकालत
QUAD देशों ने साफ किया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए फ्री और ओपन समुद्री रास्तों का होना बेहद जरूरी है:
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कानून का कड़ाई से हो पालन: चारों देशों के विदेश मंत्रियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का सभी पक्षों द्वारा कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। किसी भी संकीर्ण जलमार्ग या अंतरराष्ट्रीय रूट पर वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही को रोकना पूरी दुनिया के आर्थिक हितों के खिलाफ है।
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आर्थिक लचीलापन और खाद-ऊर्जा सुरक्षा: बैठक में चारों सदस्य देशों ने बाजार अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने, विश्वसनीय इंजीनियरिंग का प्रसार करने और वर्तमान कठिन दौर में वैश्विक स्तर पर ऊर्जा क्षेत्र (Energy Sector) व खाद की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
